28 worked answers · short steps first, explanations when you need them
पाठ के साथ
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 11
Question पाठ के साथ, q1
बाज़ार का आकर्षण बढ़ने और कम होने पर व्यक्ति के मन पर क्या असर पड़ता है?
Steps only
जब मन किसी चाह या कमी से भरा होता है, तो चमकदार चीज़ें देखकर व्यक्ति ज़रूरत से अधिक खरीद सकता है। वस्तु पाने के बाद आकर्षण कम हो जाता है और उसे समझ आता है कि खरीदारी से मन की हर कमी पूरी नहीं होती। शांत और स्पष्ट मन से व्यक्ति अपनी असली ज़रूरत पहचान पाता है।
Answer
जब मन किसी चाह या कमी से भरा होता है, तो चमकदार चीज़ें देखकर व्यक्ति ज़रूरत से अधिक खरीद सकता है। वस्तु पाने के बाद आकर्षण कम हो जाता है और उसे समझ आता है कि खरीदारी से मन की हर कमी पूरी नहीं होती। शांत और स्पष्ट मन से व्यक्ति अपनी असली ज़रूरत पहचान पाता है।
Question पाठ के साथ, q2
भगत जी के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषता सामने आती है? क्या उनका व्यवहार समाज में शांति बढ़ा सकता है?
Steps only
भगत जी संतोषी और आत्मसंयमी हैं। वे केवल अपनी ज़रूरत का सामान लेते हैं, ग्राहकों से स्नेह से मिलते हैं और कभी-कभी बच्चों को चूर्ण बाँटते हैं। उनका व्यवहार लोगों को लालच की जगह संतोष और आपसी सद्भाव की ओर प्रेरित कर सकता है।
Answer
भगत जी संतोषी और आत्मसंयमी हैं। वे केवल अपनी ज़रूरत का सामान लेते हैं, ग्राहकों से स्नेह से मिलते हैं और कभी-कभी बच्चों को चूर्ण बाँटते हैं। उनका व्यवहार लोगों को लालच की जगह संतोष और आपसी सद्भाव की ओर प्रेरित कर सकता है।
Question पाठ के साथ, q3
“बाज़ारूपन” से क्या आशय है? बाज़ार कब उपयोगी और सार्थक होता है?
Steps only
बाज़ारूपन का अर्थ है वस्तुओं की चमक और बिक्री को इतना महत्व देना कि ज़रूरत और मानवीय संबंध पीछे छूट जाएँ। बाज़ार तब सार्थक है जब वह लोगों की वास्तविक आवश्यकताएँ पूरी करे और खरीदार तथा विक्रेता के बीच ईमानदार लेन-देन हो। लालच, छल और दिखावा बढ़ने पर वह शोषण का साधन बन जाता है।
Answer
बाज़ारूपन का अर्थ है वस्तुओं की चमक और बिक्री को इतना महत्व देना कि ज़रूरत और मानवीय संबंध पीछे छूट जाएँ। बाज़ार तब सार्थक है जब वह लोगों की वास्तविक आवश्यकताएँ पूरी करे और खरीदार तथा विक्रेता के बीच ईमानदार लेन-देन हो। लालच, छल और दिखावा बढ़ने पर वह शोषण का साधन बन जाता है।
Question पाठ के साथ, q4
बाज़ार व्यक्ति की जाति, धर्म या लिंग के बजाय उसकी खरीदने की क्षमता देखता है। क्या इससे सामाजिक समानता बनती है? अपना मत कारण सहित दीजिए।
Steps only
बाज़ार में वस्तु खरीदते समय ग्राहक की खरीदने की क्षमता पर ध्यान दिया जाता है, इसलिए वहाँ कुछ लोगों को समान ग्राहक की तरह देखा जा सकता है। पर इससे पूरी सामाजिक समानता नहीं बनती, क्योंकि सभी की आय और अवसर समान नहीं हैं। बाज़ार में बराबर प्रवेश का अर्थ यह नहीं कि सबकी जरूरतें और सामर्थ्य बराबर हैं।
Answer
बाज़ार में वस्तु खरीदते समय ग्राहक की खरीदने की क्षमता पर ध्यान दिया जाता है, इसलिए वहाँ कुछ लोगों को समान ग्राहक की तरह देखा जा सकता है। पर इससे पूरी सामाजिक समानता नहीं बनती, क्योंकि सभी की आय और अवसर समान नहीं हैं। बाज़ार में बराबर प्रवेश का अर्थ यह नहीं कि सबकी जरूरतें और सामर्थ्य बराबर हैं।
Question पाठ के साथ, q5a
अपने अनुभव या किसी देखी घटना का उदाहरण दीजिए जहाँ पैसा शक्ति का संकेत लगा हो।
Steps only
उदाहरण के लिए, किसी महँगी वस्तु का मालिक अपने धन के कारण विशेष सुविधा या सम्मान पाता दिखाई दे सकता है। ऐसी घटना में पैसा केवल वस्तु खरीदने का साधन नहीं रहता; वह सामाजिक प्रभाव का संकेत भी बन जाता है। अपने उत्तर में केवल देखी या विश्वसनीय घटना लिखें।
Answer
उदाहरण के लिए, किसी महँगी वस्तु का मालिक अपने धन के कारण विशेष सुविधा या सम्मान पाता दिखाई दे सकता है। ऐसी घटना में पैसा केवल वस्तु खरीदने का साधन नहीं रहता; वह सामाजिक प्रभाव का संकेत भी बन जाता है। अपने उत्तर में केवल देखी या विश्वसनीय घटना लिखें।
Question पाठ के साथ, q5b
अपने अनुभव या किसी देखी घटना का उदाहरण दीजिए जहाँ पैसा किसी समस्या को हल नहीं कर पाया।
Steps only
उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति धन होने पर भी बीमारी, शोक या टूटे हुए विश्वास को तुरंत दूर नहीं कर सकता। पैसा इलाज या सहायता जुटा सकता है, पर हर मानवीय कठिनाई का सीधा समाधान नहीं होता। अपने अनुभव के अनुसार एक स्पष्ट उदाहरण देकर यह अंतर समझाएँ।
Answer
उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति धन होने पर भी बीमारी, शोक या टूटे हुए विश्वास को तुरंत दूर नहीं कर सकता। पैसा इलाज या सहायता जुटा सकता है, पर हर मानवीय कठिनाई का सीधा समाधान नहीं होता। अपने अनुभव के अनुसार एक स्पष्ट उदाहरण देकर यह अंतर समझाएँ।
पाठ के आसपास
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 11
Question पाठ के आसपास, around1a
जब मन खाली हो और व्यक्ति बाज़ार जाए, तो क्या अनुभव हो सकता है?
Steps only
मन खाली होने पर व्यक्ति को पहले से तय ज़रूरत नहीं होती। ऐसी स्थिति में दुकानों की सजावट और नई वस्तुएँ उसका ध्यान खींच सकती हैं। वह बिना योजना के कुछ खरीद सकता है, इसलिए सूची और बजट मदद करते हैं।
Answer
मन खाली होने पर व्यक्ति को पहले से तय ज़रूरत नहीं होती। ऐसी स्थिति में दुकानों की सजावट और नई वस्तुएँ उसका ध्यान खींच सकती हैं। वह बिना योजना के कुछ खरीद सकता है, इसलिए सूची और बजट मदद करते हैं।
Question पाठ के आसपास, around1b
जब मन किसी चिंता या इच्छा से भरा हो और व्यक्ति बाज़ार जाए, तो क्या अनुभव हो सकता है?
Steps only
मन पहले से किसी चिंता या चाह में उलझा हो तो बाज़ार की चीज़ें उस भावना को बढ़ा सकती हैं। कभी व्यक्ति खरीदारी से मन बहलाने की कोशिश करता है, लेकिन राहत थोड़ी देर की हो सकती है। जरूरत पहचानकर ही सामान चुनना बेहतर है।
Answer
मन पहले से किसी चिंता या चाह में उलझा हो तो बाज़ार की चीज़ें उस भावना को बढ़ा सकती हैं। कभी व्यक्ति खरीदारी से मन बहलाने की कोशिश करता है, लेकिन राहत थोड़ी देर की हो सकती है। जरूरत पहचानकर ही सामान चुनना बेहतर है।
Question पाठ के आसपास, around1c
मन बंद होने की स्थिति में व्यक्ति बाज़ार के आकर्षण पर कैसी प्रतिक्रिया दे सकता है?
Steps only
मन बंद होने पर व्यक्ति किसी नई चीज़ या अनुभव के लिए तैयार नहीं होता। वह बाज़ार की वस्तुओं को देखे बिना निकल सकता है या केवल जरूरी सामान खरीदेगा। यह स्थिति संदर्भ के अनुसार बदल सकती है।
Answer
मन बंद होने पर व्यक्ति किसी नई चीज़ या अनुभव के लिए तैयार नहीं होता। वह बाज़ार की वस्तुओं को देखे बिना निकल सकता है या केवल जरूरी सामान खरीदेगा। यह स्थिति संदर्भ के अनुसार बदल सकती है।
Question पाठ के आसपास, around1d
मन में नकार या विरोध हो तो बाज़ार जाने का अनुभव कैसा हो सकता है?
Steps only
यदि व्यक्ति के मन में किसी वस्तु या खरीदारी के प्रति नकार हो, तो वह विज्ञापन या चमक से आसानी से प्रभावित नहीं होगा। वह खरीदारी से बच सकता है या अपनी आपत्ति के कारण सोच-समझकर निर्णय ले सकता है। अपने उत्तर में कोई छोटा निजी उदाहरण जोड़ें।
Answer
यदि व्यक्ति के मन में किसी वस्तु या खरीदारी के प्रति नकार हो, तो वह विज्ञापन या चमक से आसानी से प्रभावित नहीं होगा। वह खरीदारी से बच सकता है या अपनी आपत्ति के कारण सोच-समझकर निर्णय ले सकता है। अपने उत्तर में कोई छोटा निजी उदाहरण जोड़ें।
Question पाठ के आसपास, around2
पाठ में किन प्रकार के ग्राहकों की चर्चा है? आप स्वयं को किस प्रकार का ग्राहक मानते हैं?
Steps only
एक प्रकार के ग्राहक अपनी जरूरत पहचानकर उसी के अनुसार खरीदते हैं। दूसरे प्रकार के ग्राहक दिखावे या बाज़ार के आकर्षण में आकर गैर-जरूरी सामान लेते हैं। मैं जरूरत के अनुसार खरीदने वाला ग्राहक बनना चाहूँगा/चाहूँगी: पहले सूची और खर्च की सीमा तय करूँगा/करूँगी।
Answer
एक प्रकार के ग्राहक अपनी जरूरत पहचानकर उसी के अनुसार खरीदते हैं। दूसरे प्रकार के ग्राहक दिखावे या बाज़ार के आकर्षण में आकर गैर-जरूरी सामान लेते हैं। मैं जरूरत के अनुसार खरीदने वाला ग्राहक बनना चाहूँगा/चाहूँगी: पहले सूची और खर्च की सीमा तय करूँगा/करूँगी।
Question पाठ के आसपास, around3
मॉल और सामान्य बाज़ार या हाट के अनुभव में क्या अंतर है? “पर्चेज़िंग पावर” वहाँ कैसे दिखाई देती है?
Steps only
मॉल में सजावट, ब्रांड और तय माहौल खरीदारी को आकर्षक बनाते हैं। सामान्य बाज़ार में अलग-अलग दुकानों पर दाम और सामान की तुलना आसान हो सकती है। हाट में स्थानीय वस्तुएँ और लोगों का सीधा मेल अधिक दिखता है। खरीदने की क्षमता इस बात में दिखती है कि व्यक्ति क्या और कितना खरीद सकता है, पर कम खरीद पाना किसी व्यक्ति की कम जरूरत या कम महत्व का प्रमाण नहीं।
Answer
मॉल में सजावट, ब्रांड और तय माहौल खरीदारी को आकर्षक बनाते हैं। सामान्य बाज़ार में अलग-अलग दुकानों पर दाम और सामान की तुलना आसान हो सकती है। हाट में स्थानीय वस्तुएँ और लोगों का सीधा मेल अधिक दिखता है। खरीदने की क्षमता इस बात में दिखती है कि व्यक्ति क्या और कितना खरीद सकता है, पर कम खरीद पाना किसी व्यक्ति की कम जरूरत या कम महत्व का प्रमाण नहीं।
Question पाठ के आसपास, around4
क्या कभी ज़रूरत ही शोषण का रूप ले सकती है? अपना मत उदाहरण के साथ समझाइए।
Steps only
हाँ, जब किसी व्यक्ति को दवा, भोजन या दूसरी जरूरी वस्तु तुरंत चाहिए और विकल्प कम हों, तो विक्रेता ऊँची कीमत या अनुचित शर्त थोप सकता है। जरूरत अपने-आप में गलत नहीं है; शोषण तब होता है जब किसी की मजबूरी का अनुचित लाभ उठाया जाए। नियम, पारदर्शी कीमतें और विकल्प उपभोक्ता की रक्षा करते हैं।
Answer
हाँ, जब किसी व्यक्ति को दवा, भोजन या दूसरी जरूरी वस्तु तुरंत चाहिए और विकल्प कम हों, तो विक्रेता ऊँची कीमत या अनुचित शर्त थोप सकता है। जरूरत अपने-आप में गलत नहीं है; शोषण तब होता है जब किसी की मजबूरी का अनुचित लाभ उठाया जाए। नियम, पारदर्शी कीमतें और विकल्प उपभोक्ता की रक्षा करते हैं।
Question पाठ के आसपास, around5
“स्त्री माया नहीं जोड़ती” वाली बात में “माया” का क्या अर्थ है? किन परिस्थितियों में स्त्रियाँ बचत करने को विवश होती हैं?
Steps only
यहाँ “माया” का अर्थ धन या जमा की हुई संपत्ति है। लेख इस धारणा पर सवाल उठाता है कि स्त्रियाँ स्वभाव से धन जमा करती हैं। कई बार सीमित आय, परिवार की जिम्मेदारी, भविष्य की असुरक्षा या आर्थिक निर्णयों पर कम अधिकार के कारण स्त्रियाँ थोड़ी-थोड़ी बचत करती हैं। ये परिस्थितियाँ सामाजिक और आर्थिक हैं, जन्मजात स्वभाव नहीं।
Answer
यहाँ “माया” का अर्थ धन या जमा की हुई संपत्ति है। लेख इस धारणा पर सवाल उठाता है कि स्त्रियाँ स्वभाव से धन जमा करती हैं। कई बार सीमित आय, परिवार की जिम्मेदारी, भविष्य की असुरक्षा या आर्थिक निर्णयों पर कम अधिकार के कारण स्त्रियाँ थोड़ी-थोड़ी बचत करती हैं। ये परिस्थितियाँ सामाजिक और आर्थिक हैं, जन्मजात स्वभाव नहीं।
आपसदारी
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 11
Question आपसदारी, association1
भगत जी की जरूरत-भर खरीदारी की तुलना कबीर के संतोष वाले विचार से कीजिए।
Steps only
दोनों उदाहरण जरूरत से अधिक पाने की इच्छा पर प्रश्न करते हैं। भगत जी उतना ही सामान लेते हैं जितना काम का है; कबीर का भाव भी अनावश्यक चाह छोड़कर संतोष से जीने का है। दोनों में संयम है, लेकिन भगत जी का प्रसंग बाज़ार के व्यवहार को दिखाता है और कबीर का दोहा जीवन-दृष्टि बताता है।
Answer
दोनों उदाहरण जरूरत से अधिक पाने की इच्छा पर प्रश्न करते हैं। भगत जी उतना ही सामान लेते हैं जितना काम का है; कबीर का भाव भी अनावश्यक चाह छोड़कर संतोष से जीने का है। दोनों में संयम है, लेकिन भगत जी का प्रसंग बाज़ार के व्यवहार को दिखाता है और कबीर का दोहा जीवन-दृष्टि बताता है।
Question आपसदारी, association2
विजयदान देथा की कहानी “दुविधा” के गड़रिये की वस्तुओं के प्रति सोच भगत जी से कैसे मिलती है?
Steps only
दोनों पात्र बेकार की वस्तु या धन के पीछे नहीं भागते। वे अपनी जरूरत पहचानते हैं और अतिरिक्त वैभव को जीवन की सफलता नहीं मानते। इससे संतोष और स्वतंत्रता का भाव सामने आता है। कहानी पढ़ने के बाद विद्यार्थी अपने शब्दों में तुलना में एक अंतर भी जोड़ें।
Answer
दोनों पात्र बेकार की वस्तु या धन के पीछे नहीं भागते। वे अपनी जरूरत पहचानते हैं और अतिरिक्त वैभव को जीवन की सफलता नहीं मानते। इससे संतोष और स्वतंत्रता का भाव सामने आता है। कहानी पढ़ने के बाद विद्यार्थी अपने शब्दों में तुलना में एक अंतर भी जोड़ें।
Question आपसदारी, association3a
नकली सामान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आप क्या कर सकते हैं?
Steps only
खरीदते समय पैकिंग, निर्माता का नाम, बिल, गुणवत्ता-चिह्न और समाप्ति तिथि जाँचें। संदिग्ध सामान की शिकायत उपभोक्ता हेल्पलाइन या संबंधित विभाग में करें। बिना प्रमाण किसी दुकान या व्यक्ति पर आरोप न लगाएँ और उपयोगी जानकारी परिवार तथा स्कूल में साझा करें।
Answer
खरीदते समय पैकिंग, निर्माता का नाम, बिल, गुणवत्ता-चिह्न और समाप्ति तिथि जाँचें। संदिग्ध सामान की शिकायत उपभोक्ता हेल्पलाइन या संबंधित विभाग में करें। बिना प्रमाण किसी दुकान या व्यक्ति पर आरोप न लगाएँ और उपयोगी जानकारी परिवार तथा स्कूल में साझा करें।
Question आपसदारी, association3b
ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सामान बनाने वाली कंपनियों की क्या जिम्मेदारियाँ हैं?
Steps only
कंपनी को सुरक्षित और तय गुणवत्ता का सामान बनाना चाहिए, सही सामग्री और कीमत बतानी चाहिए, निर्माण तथा समाप्ति की जानकारी साफ लिखनी चाहिए और झूठे दावे नहीं करने चाहिए। शिकायत मिलने पर उचित सहायता और जवाबदेही भी जरूरी है।
Answer
कंपनी को सुरक्षित और तय गुणवत्ता का सामान बनाना चाहिए, सही सामग्री और कीमत बतानी चाहिए, निर्माण तथा समाप्ति की जानकारी साफ लिखनी चाहिए और झूठे दावे नहीं करने चाहिए। शिकायत मिलने पर उचित सहायता और जवाबदेही भी जरूरी है।
Question आपसदारी, association3c
ब्रांडेड वस्तु खरीदने के पीछे कौन-सी सोच हो सकती है?
Steps only
कुछ लोग भरोसेमंद गुणवत्ता या टिकाऊपन की उम्मीद से ब्रांड चुनते हैं। कुछ लोग विज्ञापन, सामाजिक दबाव या प्रतिष्ठा दिखाने के लिए भी ब्रांड खरीदते हैं। समझदारी यह है कि नाम के बजाय जरूरत, गुणवत्ता, कीमत और वस्तु की उपयोगिता की तुलना करें।
Answer
कुछ लोग भरोसेमंद गुणवत्ता या टिकाऊपन की उम्मीद से ब्रांड चुनते हैं। कुछ लोग विज्ञापन, सामाजिक दबाव या प्रतिष्ठा दिखाने के लिए भी ब्रांड खरीदते हैं। समझदारी यह है कि नाम के बजाय जरूरत, गुणवत्ता, कीमत और वस्तु की उपयोगिता की तुलना करें।
Question आपसदारी, association4
प्रेमचंद की “ईदगाह” में हामिद और उसके मित्रों का बाज़ार से क्या संबंध बनता है?
Steps only
हामिद मेले में अपने लिए खिलौने या मिठाई लेने के बजाय दादी के काम आने वाला चिमटा खरीदता है। उसके मित्र अपनी-अपनी पसंद की चीज़ें लेते हैं। यह अंतर दिखाता है कि खरीदारी केवल आकर्षण से नहीं, बल्कि जरूरत, अपनापन और दूसरे की चिंता से भी तय हो सकती है।
Answer
हामिद मेले में अपने लिए खिलौने या मिठाई लेने के बजाय दादी के काम आने वाला चिमटा खरीदता है। उसके मित्र अपनी-अपनी पसंद की चीज़ें लेते हैं। यह अंतर दिखाता है कि खरीदारी केवल आकर्षण से नहीं, बल्कि जरूरत, अपनापन और दूसरे की चिंता से भी तय हो सकती है।
विज्ञापन की दुनिया
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 11
Question विज्ञापन की दुनिया, ad1
किसी एक विज्ञापन की समीक्षा इन आधारों पर कीजिए: चित्र और विषय, पात्रों की उपयुक्तता, भाषा, और खरीदने के लिए प्रेरित करने वाली बात।
Steps only
उदाहरण के रूप में, पानी की बोतल के एक काल्पनिक विज्ञापन को लें। चित्र में खेल के बाद पानी पीता बच्चा है और विषय प्यास बुझाना है। पात्र उत्पाद से जुड़े हैं, लेकिन विज्ञापन का दावा प्रमाण से आगे नहीं जाना चाहिए। सरल भाषा और आकर्षक रंग ध्यान खींचते हैं; खरीदने का कारण उपयोगिता है, केवल प्रसिद्ध चेहरा नहीं। अपने चुने विज्ञापन के वास्तविक दावे जाँचें।
Answer
उदाहरण के रूप में, पानी की बोतल के एक काल्पनिक विज्ञापन को लें। चित्र में खेल के बाद पानी पीता बच्चा है और विषय प्यास बुझाना है। पात्र उत्पाद से जुड़े हैं, लेकिन विज्ञापन का दावा प्रमाण से आगे नहीं जाना चाहिए। सरल भाषा और आकर्षक रंग ध्यान खींचते हैं; खरीदने का कारण उपयोगिता है, केवल प्रसिद्ध चेहरा नहीं। अपने चुने विज्ञापन के वास्तविक दावे जाँचें।
Question विज्ञापन की दुनिया, ad2
आज सामान बेचने के कौन-से तरीके अपनाए जाते हैं? ऐसे तरीके सुझाइए जिनसे बिक्री भी हो और ग्राहक भ्रमित भी न हो।
Steps only
व्यापारी दुकान, वेबसाइट, सोशल मीडिया, छूट, सदस्यता और विज्ञापन से सामान बेचते हैं। जिम्मेदार बिक्री के लिए कीमत, शर्तें और सामान की विशेषताएँ साफ बतानी चाहिए। छूट असली हो, तस्वीरें वस्तु से मेल खाएँ, और ग्राहक को खरीदने के लिए झूठा डर या दबाव न दिया जाए। भरोसा और बिक्री दोनों लंबे समय में बढ़ते हैं।
Answer
व्यापारी दुकान, वेबसाइट, सोशल मीडिया, छूट, सदस्यता और विज्ञापन से सामान बेचते हैं। जिम्मेदार बिक्री के लिए कीमत, शर्तें और सामान की विशेषताएँ साफ बतानी चाहिए। छूट असली हो, तस्वीरें वस्तु से मेल खाएँ, और ग्राहक को खरीदने के लिए झूठा डर या दबाव न दिया जाए। भरोसा और बिक्री दोनों लंबे समय में बढ़ते हैं।
भाषा की बात
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 11
Question भाषा की बात, language1
पाठ में से औपचारिक और अनौपचारिक भाषा के तीन-तीन उदाहरण चुनकर लिखिए।
Steps only
औपचारिक भाषा का नमूना: “मैंने उनसे पूछा कि वे बाज़ार में क्या देख रहे थे।” अनौपचारिक भाषा का नमूना: “भगत जी, आज क्या लेने आए हैं?” पाठ से अपने छह उदाहरण चुनते समय देखें कि वाक्य में आदरपूर्ण दूरी है या बातचीत का सहज अपनापन।
Answer
औपचारिक भाषा का नमूना: “मैंने उनसे पूछा कि वे बाज़ार में क्या देख रहे थे।” अनौपचारिक भाषा का नमूना: “भगत जी, आज क्या लेने आए हैं?” पाठ से अपने छह उदाहरण चुनते समय देखें कि वाक्य में आदरपूर्ण दूरी है या बातचीत का सहज अपनापन।
Question भाषा की बात, language2
पाठ में पाठक से सीधे बात करने वाले पाँच वाक्य खोजिए। ऐसा संबोधन पाठ को समझने में कैसे मदद करता है?
Steps only
लेखक पाठक को चेताता, प्रश्न करता, किसी व्यवहार पर सोचने को कहता और कल्पना का निमंत्रण देता है। सीधे संबोधन पाठक को चर्चा में शामिल करता है।
Answer
लेखक पाठक को चेताता, प्रश्न करता, किसी व्यवहार पर सोचने को कहता और कल्पना का निमंत्रण देता है। सीधे संबोधन पाठक को चर्चा में शामिल करता है।
Question भाषा की बात, language3
पाठ में हिंदी वाक्य-रचना के साथ आए अंग्रेज़ी शब्दों के पाँच उदाहरण दीजिए। उनके हिंदी अर्थ रखने से भाषा पर क्या असर पड़ेगा?
Steps only
“पर्चेजिंग पावर” = खरीदने की क्षमता, “पेशगी ऑर्डर” = अग्रिम आदेश, “मनीबैग” = पैसों का बटुआ, “पावर” = शक्ति, “फैंसी स्टोर” = आकर्षक सामान की दुकान। हिंदी पर्याय अर्थ साफ करते हैं, पर बोलचाल की सहजता बदल सकती है।
Answer
“पर्चेजिंग पावर” = खरीदने की क्षमता, “पेशगी ऑर्डर” = अग्रिम आदेश, “मनीबैग” = पैसों का बटुआ, “पावर” = शक्ति, “फैंसी स्टोर” = आकर्षक सामान की दुकान। हिंदी पर्याय अर्थ साफ करते हैं, पर बोलचाल की सहजता बदल सकती है।
Question भाषा की बात, प्रश्न 4
“ही”, “भी” और “तो” निपात का अर्थ पर प्रभाव समझिए। हर निपात से तीन वाक्य और तीनों को साथ लेकर दो वाक्य बनाइए।
Steps only
उदाहरण: मुझे भी वही किताब तो चाहिए ही। निपात का स्थान बदलने से वाक्य में जोर का केंद्र बदलता है।
Answer
उदाहरण: मुझे भी वही किताब तो चाहिए ही। निपात का स्थान बदलने से वाक्य में जोर का केंद्र बदलता है।
चर्चा करें
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 11
Question चर्चा करें, प्रश्न 1
“पर्चेजिंग पावर” का क्या अर्थ है? बाज़ार की चकाचौंध से दूर इसका उपयोग सामाजिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कैसे किया जा सकता है?
Steps only
खरीदने की क्षमता का उपयोग स्थानीय दुकानदारों और उत्पादकों से जरूरत का सामान लेकर किया जा सकता है। खरीदारी बजट और जरूरत के अनुसार होनी चाहिए।
Answer
खरीदने की क्षमता का उपयोग स्थानीय दुकानदारों और उत्पादकों से जरूरत का सामान लेकर किया जा सकता है। खरीदारी बजट और जरूरत के अनुसार होनी चाहिए।
Question चर्चा करें, प्रश्न 1(क)(ख)
बाज़ार की चकाचौंध से दूर, क्रय-शक्ति का उपयोग सामाजिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कैसे किया जा सकता है?
Steps only
सहकारी समूहों, स्थानीय किसानों और कारीगरों से जरूरत का अच्छा सामान खरीदें। इससे रोजगार और आमदनी स्थानीय समुदाय तक पहुँचती है। गुणवत्ता और उचित कीमत देखकर ही खरीदारी करें।
Answer
सहकारी समूहों, स्थानीय किसानों और कारीगरों से जरूरत का अच्छा सामान खरीदें। इससे रोजगार और आमदनी स्थानीय समुदाय तक पहुँचती है। गुणवत्ता और उचित कीमत देखकर ही खरीदारी करें।