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कक्षा 10 · Sparsh · अध्याय 9

सीताराम सेकसरिया — डायरी का एक पन्ना

डायरी के पाठ्यपुस्तक प्रश्नों, भाषा-अभ्यास, इतिहास-परिचय और परियोजनाओं के सरल उत्तर।

27 उत्तरसरल हिंदी

27 worked answers · short steps first, explanations when you need them

पाठ और अभ्यास के उत्तर

Textbook pages NCERT स्पर्श भाग 2, अध्याय 9

Question मौखिक, प्रश्न 1

कलकत्ता के लोगों के लिए 26 जनवरी 1931 क्यों महत्वपूर्ण थी?

Steps only

26 जनवरी 1930 को लोगों ने पूर्ण स्वतंत्रता के लिए प्रतिज्ञा की थी। अगले वर्ष कलकत्ता में उसी दिन को फिर मनाया गया, इसलिए 1931 का आयोजन स्वतंत्रता की माँग और एकता का प्रतीक बना।

Answer

26 जनवरी 1930 को लोगों ने पूर्ण स्वतंत्रता के लिए प्रतिज्ञा की थी। अगले वर्ष कलकत्ता में उसी दिन को फिर मनाया गया, इसलिए 1931 का आयोजन स्वतंत्रता की माँग और एकता का प्रतीक बना।

Question मौखिक, प्रश्न 2

सुभाष बाबू के जुलूस की व्यवस्था किसके जिम्मे थी?

Steps only

जुलूस की व्यवस्था पूर्णोदास के जिम्मे थी। वे पहले से तैयारी कर चुके थे।

Answer

जुलूस की व्यवस्था पूर्णोदास के जिम्मे थी। वे पहले से तैयारी कर चुके थे।

Question मौखिक, प्रश्न 3

अविनाश बाबू द्वारा झंडा फहराने पर पुलिस ने क्या किया?

Steps only

पुलिस ने अविनाश बाबू को पकड़ लिया और वहाँ मौजूद लोगों को मारकर हटाया।

Answer

पुलिस ने अविनाश बाबू को पकड़ लिया और वहाँ मौजूद लोगों को मारकर हटाया।

Question मौखिक, प्रश्न 4

लोग घरों और सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर क्या जताना चाहते थे?

Steps only

वे स्वतंत्रता की माँग और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपना सम्मान दिखाना चाहते थे।

Answer

वे स्वतंत्रता की माँग और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपना सम्मान दिखाना चाहते थे।

Question मौखिक, प्रश्न 5

पुलिस ने बड़े पार्कों और मैदानों को क्यों घेर लिया था?

Steps only

पुलिस चाहती थी कि लोग वहाँ इकट्ठे होकर सभा या झंडा फहराने का कार्यक्रम न कर सकें।

Answer

पुलिस चाहती थी कि लोग वहाँ इकट्ठे होकर सभा या झंडा फहराने का कार्यक्रम न कर सकें।

Question लिखित (क), प्रश्न 1

26 जनवरी 1931 को यादगार बनाने के लिए कलकत्ता में क्या तैयारियाँ हुईं?

Steps only

लोगों ने घर और बाजार सजाए, मकानों पर राष्ट्रीय झंडे लगाए और जगह-जगह कार्यक्रम की तैयारी की। सजावट से पूरे शहर में उत्सव और स्वतंत्रता की आशा का वातावरण बन गया।

Answer

लोगों ने घर और बाजार सजाए, मकानों पर राष्ट्रीय झंडे लगाए और जगह-जगह कार्यक्रम की तैयारी की। सजावट से पूरे शहर में उत्सव और स्वतंत्रता की आशा का वातावरण बन गया।

Question लिखित (क), प्रश्न 2

किन बातों से पता चलता है कि उस दिन की घटना असाधारण थी?

Steps only

बहुत बड़ी भीड़ सरकारी रोक के बावजूद मैदान में पहुँची। महिलाओं ने जुलूस निकाले, लोगों ने झंडा फहराया और लाठीचार्ज व गिरफ्तारी का सामना किया। उनका साहस और एकता उस दिन को असाधारण बनाते हैं।

Answer

बहुत बड़ी भीड़ सरकारी रोक के बावजूद मैदान में पहुँची। महिलाओं ने जुलूस निकाले, लोगों ने झंडा फहराया और लाठीचार्ज व गिरफ्तारी का सामना किया। उनका साहस और एकता उस दिन को असाधारण बनाते हैं।

Question लिखित (क), प्रश्न 3

पुलिस कमिश्नर और कौंसिल के नोटिस में क्या अंतर था?

Steps only

पुलिस कमिश्नर ने सभा पर रोक लगाई और उसमें शामिल लोगों को दोषी ठहराने की चेतावनी दी। कौंसिल ने उसी स्थान पर निश्चित समय में झंडा फहराने और स्वतंत्रता-प्रतिज्ञा पढ़ने के लिए जनता को आमंत्रित किया।

Answer

पुलिस कमिश्नर ने सभा पर रोक लगाई और उसमें शामिल लोगों को दोषी ठहराने की चेतावनी दी। कौंसिल ने उसी स्थान पर निश्चित समय में झंडा फहराने और स्वतंत्रता-प्रतिज्ञा पढ़ने के लिए जनता को आमंत्रित किया।

Question लिखित (क), प्रश्न 4

धर्मतल्ले के मोड़ पर जुलूस क्यों टूट गया?

Steps only

पुलिस ने जुलूस को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। भीड़ में भगदड़ और चोटें हुईं; कुछ महिलाएँ गिरफ्तार हुईं और कुछ सड़क पर बैठ गईं। अलग-अलग समूह अलग दिशाओं में बढ़े, इसलिए जुलूस एक साथ आगे न जा सका।

Answer

पुलिस ने जुलूस को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। भीड़ में भगदड़ और चोटें हुईं; कुछ महिलाएँ गिरफ्तार हुईं और कुछ सड़क पर बैठ गईं। अलग-अलग समूह अलग दिशाओं में बढ़े, इसलिए जुलूस एक साथ आगे न जा सका।

Question लिखित (क), प्रश्न 5

डॉ. दासगुप्ता घायलों की देखभाल के साथ उनकी तस्वीरें क्यों उतरवा रहे होंगे?

Steps only

तस्वीरें चोटों का प्रमाण बन सकती थीं। उनसे लोगों को पुलिस की कार्रवाई की वास्तविकता दिखाने, घायलों की संख्या और स्थिति दर्ज करने तथा आंदोलन का सच दूसरों तक पहुँचाने में मदद मिलती।

Answer

तस्वीरें चोटों का प्रमाण बन सकती थीं। उनसे लोगों को पुलिस की कार्रवाई की वास्तविकता दिखाने, घायलों की संख्या और स्थिति दर्ज करने तथा आंदोलन का सच दूसरों तक पहुँचाने में मदद मिलती।

Question लिखित (ख), प्रश्न 1

सुभाष बाबू के जुलूस और दिन के आयोजन में महिला समाज की क्या भूमिका थी?

Steps only

महिलाओं ने स्वयं जुलूस निकाले और सभा-स्थल तक पहुँचने की कोशिश की। छात्राओं ने अपने विद्यालय में झंडोत्सव किया। कई महिलाओं ने झंडे लेकर आगे बढ़ना जारी रखा, जबकि पुलिस ने उन्हें रोका और गिरफ्तार भी किया। उनकी भागीदारी ने आंदोलन को व्यापक जन-आंदोलन बनाया और यह दिखाया कि स्वतंत्रता की माँग पूरे समाज की थी।

Answer

महिलाओं ने स्वयं जुलूस निकाले और सभा-स्थल तक पहुँचने की कोशिश की। छात्राओं ने अपने विद्यालय में झंडोत्सव किया। कई महिलाओं ने झंडे लेकर आगे बढ़ना जारी रखा, जबकि पुलिस ने उन्हें रोका और गिरफ्तार भी किया। उनकी भागीदारी ने आंदोलन को व्यापक जन-आंदोलन बनाया और यह दिखाया कि स्वतंत्रता की माँग पूरे समाज की थी।

Question लिखित (ख), प्रश्न 2

जुलूस के लालबाजार पहुँचने पर लोगों की क्या दशा हुई?

Steps only

लाठीचार्ज से अनेक लोग घायल हुए और बहुत से लोगों को थाने या लॉकअप ले जाया गया। महिलाओं के कई समूह भी गिरफ्तार हुए। घायल लोगों को देखने और सहायता देने के लिए स्वयंसेवक तथा डॉक्टर पहुँचे। इस कठिन स्थिति के बावजूद लोग आंदोलन में शामिल रहे, इसलिए घटना ने शहर में गहरा असर छोड़ा।

Answer

लाठीचार्ज से अनेक लोग घायल हुए और बहुत से लोगों को थाने या लॉकअप ले जाया गया। महिलाओं के कई समूह भी गिरफ्तार हुए। घायल लोगों को देखने और सहायता देने के लिए स्वयंसेवक तथा डॉक्टर पहुँचे। इस कठिन स्थिति के बावजूद लोग आंदोलन में शामिल रहे, इसलिए घटना ने शहर में गहरा असर छोड़ा।

Question लिखित (ख), प्रश्न 3

यहाँ किस कानून को तोड़ने की बात है? पाठ के संदर्भ में इस अवज्ञा पर अपना विचार लिखिए।

Steps only

यहाँ औपनिवेशिक प्रशासन द्वारा सार्वजनिक सभा पर लगाई गई रोक की अवज्ञा की बात है। लोग स्वतंत्रता की माँग के लिए शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होना चाहते थे। अन्यायपूर्ण रोक के विरुद्ध अहिंसक नागरिक अवज्ञा आंदोलन का तरीका था। आज भी किसी नियम पर असहमति हो तो पहले संवैधानिक और शांतिपूर्ण उपाय अपनाने चाहिए।

Answer

यहाँ औपनिवेशिक प्रशासन द्वारा सार्वजनिक सभा पर लगाई गई रोक की अवज्ञा की बात है। लोग स्वतंत्रता की माँग के लिए शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होना चाहते थे। अन्यायपूर्ण रोक के विरुद्ध अहिंसक नागरिक अवज्ञा आंदोलन का तरीका था। आज भी किसी नियम पर असहमति हो तो पहले संवैधानिक और शांतिपूर्ण उपाय अपनाने चाहिए।

Question लिखित (ख), प्रश्न 4

चोटों और गिरफ्तारियों के बावजूद लेखक ने उस दिन को अभूतपूर्व क्यों माना?

Steps only

बहुत से लोगों ने डर के बिना स्वतंत्रता की माँग को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया। महिलाओं की बड़ी भागीदारी, झंडा फहराने का प्रयास और लोगों की एकजुटता विशेष थी। दमन के बावजूद शहर में यह विश्वास बढ़ा कि संगठित नागरिक अपना विरोध स्पष्ट रूप से रख सकते हैं। इसी कारण लेखक को यह दिन पहले के आयोजनों से अलग और ऐतिहासिक लगा।

Answer

बहुत से लोगों ने डर के बिना स्वतंत्रता की माँग को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया। महिलाओं की बड़ी भागीदारी, झंडा फहराने का प्रयास और लोगों की एकजुटता विशेष थी। दमन के बावजूद शहर में यह विश्वास बढ़ा कि संगठित नागरिक अपना विरोध स्पष्ट रूप से रख सकते हैं। इसी कारण लेखक को यह दिन पहले के आयोजनों से अलग और ऐतिहासिक लगा।

Question आशय स्पष्ट कीजिए, प्रश्न 1

लेखक के अनुसार उस दिन बंगाल या कलकत्ता के नाम पर लगा कलंक किस तरह कम हुआ?

Steps only

पहले लोगों को लगता था कि कलकत्ता में स्वतंत्रता आंदोलन के लिए पर्याप्त काम नहीं हो रहा। उस दिन अनेक नागरिकों और महिलाओं ने साहस से भाग लिया। उनके प्रयास ने इस धारणा को बदला और दिखाया कि कलकत्ता भी आंदोलन में सक्रिय था।

Answer

पहले लोगों को लगता था कि कलकत्ता में स्वतंत्रता आंदोलन के लिए पर्याप्त काम नहीं हो रहा। उस दिन अनेक नागरिकों और महिलाओं ने साहस से भाग लिया। उनके प्रयास ने इस धारणा को बदला और दिखाया कि कलकत्ता भी आंदोलन में सक्रिय था।

Question आशय स्पष्ट कीजिए, प्रश्न 2

लेखक ने सभा को सरकार के लिए खुली चुनौती क्यों कहा?

Steps only

सरकार ने सभा पर रोक लगाई थी, फिर भी आयोजकों ने स्थान और समय बताकर झंडा फहराने तथा प्रतिज्ञा पढ़ने का कार्यक्रम रखा। लोगों ने रोक के सामने पीछे हटने के बजाय वहाँ पहुँचकर विरोध जताया।

Answer

सरकार ने सभा पर रोक लगाई थी, फिर भी आयोजकों ने स्थान और समय बताकर झंडा फहराने तथा प्रतिज्ञा पढ़ने का कार्यक्रम रखा। लोगों ने रोक के सामने पीछे हटने के बजाय वहाँ पहुँचकर विरोध जताया।

Question भाषा-अध्ययन, प्रश्न 1 (क)

तीन दिए गए संयुक्त वाक्यों को सरल वाक्यों में बदलिए।

Steps only

1. लालबाजार गए दो सौ लोगों के जुलूस को गिरफ्तार कर लिया गया।

Answer

1. लालबाजार गए दो सौ लोगों के जुलूस को गिरफ्तार कर लिया गया।

Question भाषा-अध्ययन, प्रश्न 1 (ख)

“बड़े भाई साहब” की घटनाओं पर आधारित दो-दो सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य पहचानने का नमूना दीजिए।

Steps only

ये वाक्य पाठ के प्रसंगों पर आधारित अपने बनाए नमूने हैं, पुस्तक से उद्धरण नहीं।

Answer

ये वाक्य पाठ के प्रसंगों पर आधारित अपने बनाए नमूने हैं, पुस्तक से उद्धरण नहीं।

Question भाषा-अध्ययन, प्रश्न 2

दिए वाक्यों में जाना, रहना और चुकना क्रियाएँ किस तरह अर्थ में मदद करती हैं?

Steps only

जाना के साथ “सजाए गए” और “लगाए गए” से पता चलता है कि काम वस्तुओं पर किया गया। रहा/रही का प्रयोग “फहरा रहा था”, “घूमाई जा रही थीं” और “गश्त कर रही थी” में जारी काम बताता है। चुकना “प्रबंध कर चुका था” और “नोटिस निकल चुका था” में काम पूरा हो जाने का अर्थ देता है। ये सहायक क्रियाएँ काम की अवस्था या पूर्णता बताती हैं।

Answer

जाना के साथ “सजाए गए” और “लगाए गए” से पता चलता है कि काम वस्तुओं पर किया गया। रहा/रही का प्रयोग “फहरा रहा था”, “घूमाई जा रही थीं” और “गश्त कर रही थी” में जारी काम बताता है। चुकना “प्रबंध कर चुका था” और “नोटिस निकल चुका था” में काम पूरा हो जाने का अर्थ देता है। ये सहायक क्रियाएँ काम की अवस्था या पूर्णता बताती हैं।

Question भाषा-अध्ययन, प्रश्न 3

दिए गए शब्द-युग्मों की संधि कीजिए।

Steps only

श्रद्धा + आनंद = श्रद्धानंद; प्रति + एक = प्रत्येक; पुरुष + उत्तम = पुरुषोत्तम; झंडा + उत्सव = झंडोत्सव; पुनः + आवृत्ति = पुनरावृत्ति; ज्योतिः + मय = ज्योतिर्मय। दो पास-पास की ध्वनियाँ जुड़कर बदलती हैं, इसलिए लिखते समय संधि का नियम देखें।

Answer

श्रद्धा + आनंद = श्रद्धानंद; प्रति + एक = प्रत्येक; पुरुष + उत्तम = पुरुषोत्तम; झंडा + उत्सव = झंडोत्सव; पुनः + आवृत्ति = पुनरावृत्ति; ज्योतिः + मय = ज्योतिर्मय। दो पास-पास की ध्वनियाँ जुड़कर बदलती हैं, इसलिए लिखते समय संधि का नियम देखें।

Question योग्यता विस्तार, गतिविधि 2

दैनिक जीवन की किसी घटना को डायरी में लिखने का नमूना दीजिए।

Steps only

दिनांक: __ / __ / ____

Answer

दिनांक: __ / __ / ____

Question योग्यता विस्तार, गतिविधि 3

जमनालाल बजाज को गांधीजी का पाँचवाँ पुत्र क्यों कहा जाता है?

Steps only

जमनालाल बजाज गांधीजी के निकट सहयोगी और उनके रचनात्मक कार्यक्रमों के समर्थक थे। गांधीजी ने उन्हें स्नेह और अपनत्व से अपना पाँचवाँ पुत्र कहा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ खादी, शिक्षा और सामाजिक सुधार के कामों में भी योगदान दिया।

Answer

जमनालाल बजाज गांधीजी के निकट सहयोगी और उनके रचनात्मक कार्यक्रमों के समर्थक थे। गांधीजी ने उन्हें स्नेह और अपनत्व से अपना पाँचवाँ पुत्र कहा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ खादी, शिक्षा और सामाजिक सुधार के कामों में भी योगदान दिया।

Question योग्यता विस्तार, गतिविधि 4

सूची में से किसी एक जमनालाल बजाज पुरस्कार प्राप्त महिला का संक्षिप्त परिचय लिखिए।

Steps only

नमूना — सरस्वती गोरा: वे स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुईं और भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल गईं। उन्होंने अस्पृश्यता और जाति-भेद मिटाने तथा महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए काम किया। वे आंध्र प्रदेश के एथीस्ट सेंटर की सह-संस्थापक थीं। उन्हें 1999 में महिलाओं और बच्चों के विकास एवं कल्याण के लिए जमनालाल बजाज पुरस्कार मिला।

Answer

नमूना — सरस्वती गोरा: वे स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुईं और भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल गईं। उन्होंने अस्पृश्यता और जाति-भेद मिटाने तथा महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए काम किया। वे आंध्र प्रदेश के एथीस्ट सेंटर की सह-संस्थापक थीं। उन्हें 1999 में महिलाओं और बच्चों के विकास एवं कल्याण के लिए जमनालाल बजाज पुरस्कार मिला।

Question परियोजना कार्य, गतिविधि 1

सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफ़ अली और कस्तूरबा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Steps only

• सरोजिनी नायडू कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी थीं। उन्होंने नमक सत्याग्रह में अग्रणी भूमिका निभाई।

Answer

• सरोजिनी नायडू कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी थीं। उन्होंने नमक सत्याग्रह में अग्रणी भूमिका निभाई।

Question परियोजना कार्य, गतिविधि 2

स्वतंत्रता आंदोलन में अपने क्षेत्र के योगदान की जानकारी कैसे जुटाकर लिखेंगे?

Steps only

अपने क्षेत्र के किसी स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी, आंदोलन-स्थल या ऐतिहासिक घटना को चुनें। स्थानीय पुस्तकालय, संग्रहालय, परिवार के बुज़ुर्ग या विश्वसनीय सरकारी स्रोत से जानकारी लें। नाम, स्थान, समय और योगदान लिखें; स्रोत का नाम भी दें। आपके क्षेत्र का विवरण अलग हो सकता है, इसलिए इस उत्तर में कोई स्थान-विशेष तथ्य गढ़कर न जोड़ें।

Answer

अपने क्षेत्र के किसी स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी, आंदोलन-स्थल या ऐतिहासिक घटना को चुनें। स्थानीय पुस्तकालय, संग्रहालय, परिवार के बुज़ुर्ग या विश्वसनीय सरकारी स्रोत से जानकारी लें। नाम, स्थान, समय और योगदान लिखें; स्रोत का नाम भी दें। आपके क्षेत्र का विवरण अलग हो सकता है, इसलिए इस उत्तर में कोई स्थान-विशेष तथ्य गढ़कर न जोड़ें।

Question परियोजना कार्य, गतिविधि 3

1931 में केवल प्रचार पर लगभग दो हजार रुपये खर्च हुए थे। उस समय कौन-कौन से प्रचार के तरीके अपनाए गए होंगे? अनुमान सहित लिखिए।

Steps only

यह अनुमान है: स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को बताते होंगे, हाथ से लिखे या छपे पर्चे बाँटते होंगे, दीवारों पर सूचना लगाते होंगे और छोटी बैठकों में कार्यक्रम समझाते होंगे। समाचार-पत्रों तथा मौखिक संदेशों से भी जानकारी फैल सकती थी। ये तरीके कम खर्च में बहुत लोगों तक पहुँच सकते थे।

Answer

यह अनुमान है: स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को बताते होंगे, हाथ से लिखे या छपे पर्चे बाँटते होंगे, दीवारों पर सूचना लगाते होंगे और छोटी बैठकों में कार्यक्रम समझाते होंगे। समाचार-पत्रों तथा मौखिक संदेशों से भी जानकारी फैल सकती थी। ये तरीके कम खर्च में बहुत लोगों तक पहुँच सकते थे।

Question परियोजना कार्य, गतिविधि 4

विद्यालय के निःशुल्क पोलियो केंद्र की सूचना मोहल्ले तक बिना खर्च कैसे पहुँचाएँगे? उदाहरण दीजिए।

Steps only

विद्यालय से सही तारीख, समय और स्थान की पुष्टि करें। फिर शिक्षक की अनुमति से कक्षा-सूचना, मौखिक घोषणा, मोहल्ले की बैठक और स्थानीय समुदाय समूहों के जरिए खबर दें। उदाहरण: विद्यार्थी अपने परिवार और पड़ोसियों को बताएँ कि केंद्र विद्यालय में किस दिन और कितने बजे लगेगा। अपुष्ट जानकारी आगे न भेजें।

Answer

विद्यालय से सही तारीख, समय और स्थान की पुष्टि करें। फिर शिक्षक की अनुमति से कक्षा-सूचना, मौखिक घोषणा, मोहल्ले की बैठक और स्थानीय समुदाय समूहों के जरिए खबर दें। उदाहरण: विद्यार्थी अपने परिवार और पड़ोसियों को बताएँ कि केंद्र विद्यालय में किस दिन और कितने बजे लगेगा। अपुष्ट जानकारी आगे न भेजें।

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