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कक्षा 12 · Aroh · अध्याय 3

कविता के बहाने, बात सीधी थी पर — कुँवर नारायण

कविता की व्यापकता और सरल, स्पष्ट भाषा के महत्व को उदाहरणों से समझें।

13 उत्तरसरल हिंदी

13 worked answers · short steps first, explanations when you need them

कविता के साथ

Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 3

Question कविता के साथ, प्रश्न 1

कविता के बहाने “सब घर एक कर देने” का क्या अर्थ है?

Steps only

कविता अलग-अलग लोगों को साझा अनुभवों से जोड़ती है। सब घर एक करने का अर्थ भेद मिटाकर अपनापन देखना है, पहचान मिटाना नहीं।

Answer

कविता अलग-अलग लोगों को साझा अनुभवों से जोड़ती है। सब घर एक करने का अर्थ भेद मिटाकर अपनापन देखना है, पहचान मिटाना नहीं।

Question कविता के साथ, प्रश्न 2

“उड़ने” और “खिलने” का कविता से क्या संबंध बनता है?

Steps only

चिड़िया उड़ती और फूल खिलता है; कविता की कल्पना इन सीमाओं से आगे जाती है और लंबे समय तक लोगों तक पहुँचती है।

Answer

चिड़िया उड़ती और फूल खिलता है; कविता की कल्पना इन सीमाओं से आगे जाती है और लंबे समय तक लोगों तक पहुँचती है।

Question कविता के साथ, प्रश्न 3

कविता और बच्चे को समानांतर रखने के क्या कारण हो सकते हैं?

Steps only

कविता और बच्चे दोनों में कल्पना और नई संभावनाएँ हैं। बच्चा खेल में एक घर से दूसरे घर तक अपनी दुनिया बना लेता है; कविता भी एक अनुभव से दूसरे अनुभव तक पहुँचती है। इस समानता से कवि बताता है कि कविता की कल्पना खुली और जीवंत होती है।

Answer

कविता और बच्चे दोनों में कल्पना और नई संभावनाएँ हैं। बच्चा खेल में एक घर से दूसरे घर तक अपनी दुनिया बना लेता है; कविता भी एक अनुभव से दूसरे अनुभव तक पहुँचती है। इस समानता से कवि बताता है कि कविता की कल्पना खुली और जीवंत होती है।

Question कविता के साथ, प्रश्न 4

कविता के संदर्भ में “बिना मुरझाए महकने” का क्या अर्थ है?

Steps only

कविता का भाव फूल की तरह जल्दी समाप्त नहीं होता। उसकी “महक”—उसका विचार और आनंद—लंबे समय तक पाठकों तक पहुँचता है।

Answer

कविता का भाव फूल की तरह जल्दी समाप्त नहीं होता। उसकी “महक”—उसका विचार और आनंद—लंबे समय तक पाठकों तक पहुँचता है।

Question कविता के साथ, प्रश्न 5

“भाषा को सहूलियत से बरतने” का क्या अभिप्राय है?

Steps only

भाषा को सहूलियत से बरतने का अर्थ है सही और साफ़ शब्द चुनना, ताकि बात समझ आए और शब्द अर्थ को न छिपाएँ।

Answer

भाषा को सहूलियत से बरतने का अर्थ है सही और साफ़ शब्द चुनना, ताकि बात समझ आए और शब्द अर्थ को न छिपाएँ।

Question कविता के साथ, प्रश्न 6

बात और भाषा जुड़ी होने पर भी भाषा के चक्कर में सीधी बात टेढ़ी कैसे हो जाती है?

Steps only

विचार (बात) और उसे व्यक्त करने वाले शब्द (भाषा) साथ चलते हैं। यदि हम सरल विचार को कठिन शब्दों में उलझा दें, तो पाठक शब्दों में अटक जाता है और बात टेढ़ी लगने लगती है। कविता में पेंच खोलने के बजाय कसते जाने का बिंब इसी उलझाव को दिखाता है।

Answer

विचार (बात) और उसे व्यक्त करने वाले शब्द (भाषा) साथ चलते हैं। यदि हम सरल विचार को कठिन शब्दों में उलझा दें, तो पाठक शब्दों में अटक जाता है और बात टेढ़ी लगने लगती है। कविता में पेंच खोलने के बजाय कसते जाने का बिंब इसी उलझाव को दिखाता है।

Question कविता के साथ, प्रश्न 7

बात (कथ्य) के लिए नीचे दी गई विशेषताओं का उचित बिंबों/मुहावरों से मिलान करें।

Steps only

(क) प्रभावहीन; (ख) स्पष्ट; (ग) पकड़ में न आना; (घ) कसावट न होना; (ङ) कथ्य-भाषा का सही मेल।

Answer

सही मिलान: (क) बात की चूड़ी मर जाना — बात का प्रभावहीन हो जाना। (ख) बात की पेंच खोलना — बात को सहज और स्पष्ट करना। (ग) बात का शरारती बच्चे की तरह खेलना — बात का पकड़ में न आना। (घ) पेंच को कील की तरह ठोंक देना — बात में कसावट न होना। (ङ) बात का बन जाना — कथ्य और भाषा का सही मेल होना।

कविता के आसपास

Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 3

Question कविता के आसपास, प्रश्न 1

“बात” से जुड़े कुछ मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

Steps only

उदाहरण: “बात रखना”—रीना ने चर्चा में अपनी बात रखी। “बात बढ़ाना”—शांत रहकर बात को बढ़ने से रोकें।

Answer

उदाहरण: “बात रखना”—रीना ने चर्चा में अपनी बात रखी। “बात बढ़ाना”—शांत रहकर बात को बढ़ने से रोकें।

Question कविता के आसपास, प्रश्न 2

“ज़ोर-ज़बरदस्ती से बात की चूड़ी मर गई और वह भाषा में बेकार घूमने लगी”—इन पंक्तियों का अर्थ समझाइए।

Steps only

शब्दों को ज़बरदस्ती सजाने से मूल भाव अस्पष्ट और असरहीन हो गया। सरल, सही भाषा से बात स्पष्ट रहती है।

Answer

शब्दों को ज़बरदस्ती सजाने से मूल भाव अस्पष्ट और असरहीन हो गया। सरल, सही भाषा से बात स्पष्ट रहती है।

चर्चा कीजिए

Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 3

Question चर्चा कीजिए, प्रश्न 1

आज के समय में कविता किन रूपों और विषयों में लोगों तक पहुँच सकती है? चर्चा के लिए बिंदु दीजिए।

Steps only

आज कविता पुस्तक और पत्रिका में छप सकती है, मंच पर सुनाई जा सकती है, गीत या ऑडियो के रूप में सुनी जा सकती है और डिजिटल माध्यमों से साझा हो सकती है। इसके विषय पर्यावरण, समानता, तकनीक, परिवार और रोज़मर्रा के अनुभव हो सकते हैं। चर्चा में यह भी सोचें कि माध्यम बदलने पर कविता नए पाठकों तक कैसे पहुँचती है।

Answer

आज कविता पुस्तक और पत्रिका में छप सकती है, मंच पर सुनाई जा सकती है, गीत या ऑडियो के रूप में सुनी जा सकती है और डिजिटल माध्यमों से साझा हो सकती है। इसके विषय पर्यावरण, समानता, तकनीक, परिवार और रोज़मर्रा के अनुभव हो सकते हैं। चर्चा में यह भी सोचें कि माध्यम बदलने पर कविता नए पाठकों तक कैसे पहुँचती है।

Question चर्चा कीजिए, प्रश्न 2

चूड़ी, कील और पेंच जैसे ठोस बिंब अमूर्त विचार को समझाने में कैसे मदद करते हैं? चर्चा के लिए उदाहरण दें।

Steps only

“विचार उलझ गया” कहना अमूर्त है; “पेंच उलझ गया” कहने पर उलझन का चित्र मन में बनता है। चूड़ी, कील और पेंच जैसे परिचित वस्तु-बिंब कठिन विचार को समझने और याद रखने में मदद करते हैं। उदाहरण: “समस्या की गाँठ खोलना” का अर्थ समस्या को सुलझाना है।

Answer

“विचार उलझ गया” कहना अमूर्त है; “पेंच उलझ गया” कहने पर उलझन का चित्र मन में बनता है। चूड़ी, कील और पेंच जैसे परिचित वस्तु-बिंब कठिन विचार को समझने और याद रखने में मदद करते हैं। उदाहरण: “समस्या की गाँठ खोलना” का अर्थ समस्या को सुलझाना है।

आपसदारी

Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 3

Question आपसदारी, प्रश्न 1

पंत की दी गई पंक्तियों में मनुष्य को सुंदर और समर्थ कहा गया है। “कविता के बहाने” में कौन-से विचार इस भाव से जुड़ते हैं?

Steps only

कविता में बच्चा कल्पना और रचनात्मकता का प्रतीक है। वह एक घर से दूसरे घर तक खेलते हुए नई दुनिया बना सकता है। इसी तरह मनुष्य अपनी कल्पना और भाषा से नए विचार रचता है। यह उसकी सृजन-शक्ति को दिखाता है।

Answer

कविता में बच्चा कल्पना और रचनात्मकता का प्रतीक है। वह एक घर से दूसरे घर तक खेलते हुए नई दुनिया बना सकता है। इसी तरह मनुष्य अपनी कल्पना और भाषा से नए विचार रचता है। यह उसकी सृजन-शक्ति को दिखाता है।

Question आपसदारी, प्रश्न 2

प्रतापनारायण मिश्र का निबंध “बात” और नागार्जुन की कविता “बातें” ढूँढ़कर पढ़ने की गतिविधि कैसे पूरी करेंगे?

Steps only

विद्यालय या सार्वजनिक पुस्तकालय अथवा विश्वसनीय डिजिटल संग्रह में प्रतापनारायण मिश्र के निबंध “बात” और नागार्जुन की कविता “बातें” खोजें। लेखक और पुस्तक/संग्रह का नाम नोट करके दोनों रचनाएँ पढ़ें। फिर हर रचना का मुख्य विचार लिखें और एक समानता तथा एक अंतर बताएँ। कोई रचना न मिले तो शिक्षक या पुस्तकालयाध्यक्ष से स्रोत पूछें।

Answer

विद्यालय या सार्वजनिक पुस्तकालय अथवा विश्वसनीय डिजिटल संग्रह में प्रतापनारायण मिश्र के निबंध “बात” और नागार्जुन की कविता “बातें” खोजें। लेखक और पुस्तक/संग्रह का नाम नोट करके दोनों रचनाएँ पढ़ें। फिर हर रचना का मुख्य विचार लिखें और एक समानता तथा एक अंतर बताएँ। कोई रचना न मिले तो शिक्षक या पुस्तकालयाध्यक्ष से स्रोत पूछें।

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